बेटियां- अटल, प्रबल, प्रचण्ड।
क्या, ना झुका सर अब?
क्या, नहीं भ्रष्ट हुआ स्वाभिमान तुम्हारा?
क्या, शेष है अब इज़्ज़त तुम्हारी?
जब-जब तुमने एक बेटी को तड़पाया है,
हरदम जब तुमने उसको नीचा दिखाया है।
हां, वही पावन रूप जिसने तुम्हें इस धरती पे बुलाया है।
उन्हें दुत्कारने वाले,
उसकी काबिलियत की तुलना करने वाले,
इतना समर्थ तुम्हें किसने बनाया है?
ये तो अवर हैं,
ये तय करने वाले, भगवान तुम्हें किसने बनाया है?
बनेंगी बेटियां सशक्त तो,
होगा देश का विकाश।
रौनक होगा दीपक ज्ञान का,
होगा पितृसत्तात्मकता का विनाश।
ना होगी सीमा कोई तरक्कियों की,
होगा खुशियों का संचार।
ना हक से ना बल से,
रहेगा ना पीछे कोई शर्म से,
अटल रह कर अपने मार्ग पर,
मिलाएंगी बेटियां भी कदम, कदम से।
महत्व समझो ज्ञान का,
यूं ही मज़ाक में ना टाला करो।
बेटों को तो विद्यालय भेज दिया,
बेटियों को भी तो डाला करो।
अज्ञान के समंदर में,
ज्ञान का पुष्प पनपने दो,
बेटियां तो घर की लक्ष्मी होती हैं,
आखिर उनको भी तो पढ़ने दो।
शिक्षित होगी नारी तो,
शिक्षित पूरा परिवार होगा।
अवगत होगी वो भी जब,
तब ही भारत माता का सपना साकार होगा।
देवी के नौ अवतार से सीख लो,
क्या-क्या कर दिखाया है।
ब्रह्मचारिणी देवी ने सिखाया जहां शान्ति और कृपा,
तो शैलपुत्री देवी ने शक्ति को दर्शाया है।
महागौरी देवी की है बुद्धिमत्ता से पहचान,
तो स्कन्दमाता ने ममता को अपनाया है।
चंद्रघंटा देवी ने दी है सुन्दरता की मिसाल,
तो कालरात्रि देवी ने निडर रहकर भी दिखाया है।
ठान लो, ना डरना है ना मुड़ना है,
हिम्मत से आगे बढ़ना है।
ना झुकना है, ना टूटना है,
आखिर ये जग मुट्ठी में भी तो करना है।
बाधाएं ना तय करें मंज़िल तुम्हारी,
ना कभी तुम इनसे डरना।
चाहे लाख रोके ये ज़माना तुमको,
तुम अपनी किस्मत खुद ही लिखना।
Keep it up..!!
ReplyDeleteThank you.
Deletewow superb.
ReplyDeleteThank you.
DeleteGood job...❤
ReplyDeleteKeep it up!!
Thank you..
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