शिक्षक!

 ए ईश्वर, रहे ना जग में ऊंचा नाम किसी का,

रखना सलामत अपनी हिफाज़त में,

मेरी हर दुआ में है शिक्षक नाम जिसका।


ज्ञान की वो पावन मंदिर है शिक्षक,

जीवन के अंधियारे में चमकती वो चांदनी है शिक्षक,

सफलता के मार्ग की वो रौशनी है शिक्षक,

एक माता और एक पिता का वो अवतार है शिक्षक,

निष्पक्ष, निहस्वार्थ स्नेह की वो मसाल है शिक्षक,

तुम्हारी उचाईयों का वो सपना साकार है शिक्षक,

जिनकी गुणों को माप ना पाए ये कलम आज,

ऐसे गुणों के सरताज है वो शिक्षक।

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